Corona News : Change The World Of Entertainment
- news rajsamand

- Jun 21, 2020
- 3 min read
कोरोना वायरस हमेशा के लिए बदल देगा मनोरंजन की दुनिया?

लॉकडाउन लगने और हटने के बीच, भारत के सबसे लोकप्रिय टीवी शो में से एक 'कौन बनेगा करोड़पति' अपनी पंचलाइन 'लॉक किया जाए' के साथ लोगों का मनोरंजन करने की तैयारी में है.
कोरोना वायरस और उससे जुड़ी पाबंदियों के बीच सोनी ने टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर इसकी तैयारी शुरू कर दी है.
इस बार प्रतियोगी टीवी चैनल की ऐप के ज़रिए ऑडिशन देंगे और पहले दौर का इंटरव्यू वीडियो कॉल से होगी.
इसका प्रोमो आपने शायद देखा होगा जो अमिताभ बच्चन के घर पर उन्होंने अपने कैमरे से शूट कर भेजा है.
फ़िल्में हों, थिएटर हो, या फिर टीवी और संगीत हो, आने वाले समय में मनोरंजन का ऐसा ही नया चेहरा देखने को मिलेगा.
डिजिटल और ओटीटी

किसी भी सिनेमाप्रेमी के लिए अपने पसंदीदा हीरो, हीरोइन या डायरेक्टर की फ़िल्म सिनेमाघर में देखने जाने का रोमांच अलग ही होता है- ख़ासकर फ़र्स्ट डे फ़र्स्ट शो का रोमांच.

लेकिन पिछले हफ़्ते जब अमिताभ बच्चन की फ़िल्म गुलाबो सिताबो रिलीज़ हुई तो थिएटर के बाहर लाइन में कोई नहीं था. लोगों ने फ़िल्म रात को 12 बजे एमेज़न प्राइम पर घरों पर बैठकर देखी.

मैंने भी इसका रिव्यू रात को 12 बजे फ़िल्म देखकर घर पर बैठकर ही लिखा. कोरोना वायरस के दौर में सिनेमाघर कब खुलेंगे, कुछ ठीक नहीं है. गुलाबो सिताबो की तरह कई और फ़िल्में ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लैटफ़ॉर्म पर ही रिलीज़ की जा रही हैं.
जल्दी ही विद्या बालन की फ़िल्म शकुंतला एमेज़न प्राइम पर रिलीज़ होगी. तमिल-तेलुगू फ़िल्म पेंग्विन शुक्रवार को ही एमेज़न पर रिलीज़ हुई है.
एमेज़न प्राइम वीडियो के कॉन्टेन्ट हेड (भारत) विजय सुब्रमण्यन का कहना है कि अपने ग्राहकों के रुझान को समझकर उसी हिसाब से रणनीति बनाई जा रही है और मक़सद ये है कि ग्राहक को उसके घर की दहलीज़ के अंदर ही सिनेमा का बेहतरीन अनुभव दे सकें.
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नेटफ़्लिक्स पार्टी: दूर रहकर भी साथ-साथ
भारत में फ़िल्में शायद मनोरंजन का सबसे बड़ा ज़रिया हैं. थिएटर में साथ-साथ जाना, किसी कॉमेडी सीन पर लोगों का एक साथ हंसना, किसी उदास कर देने वाले सीन पर सिनेमा हॉल के अंधेरे में चुपके से रोना... एक हॉल में कितने ही अनजाने लोग एक साथ, एक ही तरह के जज़्बात से गुज़रते हैं.
लेकिन अब कोरोना वायरस संक्रमण के बीच फ़िल्मकारों ने ही नहीं, दर्शकों ने भी मनोरंजन के नए साधन खोज लिए हैं.
21 साल की हर्षिता कोरोना वायरस के बाद हुए लॉक़डाउन में दिल्ली में फँस गईं.
सिनेमाहॉल बंद पड़े हैं और वो अपने दोस्तों के साथ फ़िल्में देखने जाना मिस करती हैं, लेकिन अब हर्षिता कुछ-कुछ वैसा ही माहौल नेटफ़्लिक्स पार्टी पर बनाने की कोशिश करती हैं.
नेटफ़्लिक्स पार्टी किसी भी सबस्क्राइबर को ये सुविधा देता है कि कुछ दोस्त मिलकर कोई फ़िल्म या शो एक ही वक़्त साथ-साथ अपने घरों पर देख सकते हैं. फिर वो अलग-अलग जगहों, शहरों में ही क्यों न हों. साथ में लाइव चैट की सुविधा भी है.
हर्षिता कहती हैं कि ये किसी दोस्त या परिवार के साथ बैठकर फ़िल्म देखने वाले अनुभव जैसा तो नहीं है लेकिन इस तरह नेटफ़्लिक्स पार्टी पर साथ-साथ फ़िल्में देखने से उसे अपने दोस्तों की कमी कम महसूस होती है.
पहले वो दोस्तों के साथ उनकी मौजूदगी में हँसती थीं, अब वो किसी कॉमिक सीन लाइव चैट में स्माइली डालकर हँसती हैं, जिसका जवाब दूर बैठी उनकी दोस्त भी स्माइली से ही देती हैं.



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