Bollywood News: Film Industry Out of Corona Virus
- news rajsamand

- Jun 21, 2020
- 2 min read
कोरोना वायरस संकट से बाहर कैसे निकलेगी फ़िल्म इंडस्ट्री?
दुनिया भर में थिएटर बंद हो रहे हैं.
नौकरियां छीनी जा रही हैं.
कोई नहीं जानता कि प्रोजेक्टर फिर कब चालू होंगे.
कोविड-19 संकट में सिनेमा दूसरे उद्योगों की तरह ही है. बस एक मामले में यह अलग है. अलगाव के दिनों में हम अलग-अलग स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म पर जाकर मनोरंजन तलाशते हैं और अक्सर ऐसी चीजें देखते हैं जो सिल्वर स्क्रीन के लिए बनाई गई थी.
घर पर दर्शक पहले से ज़्यादा फ़िल्में देख रहे हैं. सवाल है कि क्या महामारी ख़त्म होने के बाद सिनेमा हॉल जाने की संस्कृति लौटेगी?
इस बारे में चीन से मिले संकेत अच्छे नहीं हैं. फ़रवरी 2019 में चीन के दर्शकों ने 1.63 अरब डॉलर के सिनेमा टिकट खरीदे जो एक महीने में किसी भी देश के लिए रिकॉर्ड है लेकिन फरवरी 2020 में ऐसा नहीं हुआ.
कोरोना वायरस के हमले से चीनी थिएटर बंद हो गए. मार्च में लॉकडाउन से छूट मिलने के बाद सिनेमाघरों को खोलने की कोशिश हुई तो वितरकों ने नई फ़िल्में रिलीज़ करने से मना कर दिया और दर्शक भी घर से नहीं निकले. सरकार की चिट्ठी मिलने के बाद 500 सिनेमाघरों को बंद करना पड़ा.
ब्रिटेन में लोकप्रिय टाइनेसाइड सिनेमा ने चंदा मांगने का अभियान शुरू किया है ताकि वह फिर से खुलने लायक रह सके. न्यूयॉर्क के मशहूर लिंकन सेंटर, जहां न्यूयॉर्क फ़िल्म फेस्टिवल होता है, वहां वित्तीय संकट के कारण कई लोगों को नौकरी से निकाला गया है.
ऑनलाइन स्ट्रीमिंग
सिनेमाघर मालिकों की तकलीफ़ बड़े स्टूडियो ने भी बढ़ाई है. वो हाल में ही रिलीज़ की गई फ़िल्मों को भी ऑनलाइन जारी कर रहे हैं. डिज़्नी ने अमरीका में प्रीमियर के एक महीने बाद ही एनिमेशन फ़िल्म 'ऑनवार्ड' को किराये पर उपलब्ध करा दिया. इसी तरह यूनिवर्सल ने 'द इनविजिबल मैन' और 'द हंट' को अपलोड कर दिया.
बर्लिन फ़िल्म फेस्टिवल में सम्मानित 'नेवर रेयरली समटाइम्स ऑलवेज़' की स्ट्रीमिंग अमरीका में रिलीज़ होने के कुछ ही हफ़्ते बाद ही कर दी गई. फ़िल्म स्टूडियो को यह लग सकता है कि अगर वो सीधे घर तक पहुंचकर ज़्यादा मुनाफ़ा कमा सकते हैं तो सिनेमाघरों के साथ कमाई में बंटवारा क्यों करें.
असल में, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म मुनाफ़े में जा रहे हैं और सिनेमाघर घुटनों पर आ गए हैं. घर पर मनोरंजन की मांग इतनी ज़्यादा है कि नेटफ़्लिक्स और डिज़्नी प्लस ने अपनी पिक्चर क्वालिटी घटाने का एलान किया ताकि इंटरनेट डेटा कम लगे और डाउनलोड आसान हो.

सिनेमा ने इतिहास में कई बार ऐसी संकटों का सामना किया है. दशकों से सिनेमा की मर्सिया पढ़ी जाती रही है, फिर भी 2019 में बॉक्स-ऑफिस पर कलेक्शन पहले से कहीं अधिक था.
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