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MARRIAGE NEWS: Tonk/Rajsthan

  • Writer: news rajsamand
    news rajsamand
  • Jun 21, 2020
  • 2 min read

टोक जिले के सोप कस्बे में सादगी की मिसाल पेश करते हुए शादी( marriage)करने का मामला सामने आया


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बिना बैंड बाजा, शहनाई, दान दहेज, दावत और फेरों रहित और फिजूलखर्ची को रोकने का संदेश देने वाली सामान्य तरीके से मात्र 17 मिनट में शादी ( marriage) कर मिसाल पेश की है।

इस शादी ( marriage) की क्षेत्र के लोग सराहना कर रहे हैं टोंक जिले के सोप कस्बे में गुरुवार को एक अनोखी शादी ( marriage) हुई जिसमें दुल्हन और दूल्हे ने न कोई साज सिंगार किया था, न वधू पक्ष के घर पर कोई सजावट थी ना कोई मेहमान नवाजी थी.

इस शादी में बिना पंडित बिना फेरों ओर मंत्रोचार के समाज के प्रबुद्ध जनों के मौजूदगी में संत रामपाल जी महाराज से जुड़े हुए लोगों की उपस्थिति में शादी ( marriage) आयोजित हुई…शादी करने वाले जोड़े के परिजन भी संत रामपाल जी महाराज से जुड़े हुए है.

वर-वधू के माता-पिता ने संत रामपाल जी महाराज से दीक्षा ले रखी है.धाकड़ समाज के परिवार में हुई इस शादी ( marriage) की रस्म महज 17 मिनिट में पूरी हो गई।शादी ( marriage) से पहले बिना सजावट के मंडप में वर-वधू अपने माता-पिता और अन्य लोगों की मौजूदगी में विवाह ( marriage) के बंधन में बंधे।पवित्र रक्षा सूत्र मंत्रोच्चार के साथ बांधा गया तथा 17 मिनट में अपने गुरू जी के आशीर्वाद से दहेज मुक्त विवाह ( marriage) हुआ।

इस अनोखे विवाह ( marriage) में महज 10 बाराती और वधू पक्ष के समाज के लोग ही मौजूद थे। जिला सेवादार लेखराज दास व तहसील कोडीनेटर रतन दास ने बताया कि वधू 23 वर्षीय सोप निवासी विनिता दासी

(धाकड़) पुत्री मोहन दास( धाकड़)से शादी करने के लिए चितोडगंढ जिले की निमबहेडा तहसील के गांव भगवानपुरा से दूल्हा नटवर दास पुत्र माधव दास (धाकड़) एक जीब में बारातियों को लेकर सामान्य वेशभूषा में दोपहर 12 बजे सोप पहुंचे बारातियों को बिस्किट और चाय का अल्पाहार कराया गया। मंच पर संत रामपाल जी महाराज की तस्वीर रखी थी। मात्र 17 मिनिट में कबीरवाणी से रमेणी (विवाह) संपन्न कराया गया।परंपराओं से दूर बिना मेहमान नवाजी दावत बिना दहेज के सामान, बिना खान-पान के यह रस्म गुरु वचन असुरनिकंदन रमैणी के साथ ही संपन्न हो गई.संत रामपाल जी महाराज से जुड़े भक्तों ने बताया कि ऐसी शादियों ( marriage) के द्वारा कन्या भ्रूण हत्या दहेज प्रथा एवं फिजूलखर्ची को रोकने के लिए एक अभियान के रूप में संत रामपाल जी महाराज से जुड़े भक्तों के द्वारा आपस में योग्य लड़के लड़कियों का बिना दहेज बिना सजावट बिना खर्चे के जीवनसाथी बनाना उद्देश्य है…चितोडगंढ जिले की निम्बाहेड़ा तहसील के गांव भगवानपुरा से जीप में आई बारात,टोंक जिले की उनियारा तहसील के सोप कस्बें की है दुल्हन…इस अनोखे दहेज रहित विवाह

( marriage) में तोरण और बिंदोली जैसी अन्य रस्मों को फिजूल खर्ची मानते हुए नहीं की गई।टोंक जिले की उनियारा तहसील के सोप कस्बे की है दुल्हन। बाराती भी साधारण कपड़े पहनकर ही आए। विवाह (marriage) के बाद मेहमानों को सादा भोजन करवाकर बारातियों को बिना किसी आडम्बर के विदाई दी गई।इस दौरान हरीराम दास,शंभू दास, सीताराम, ओमप्रकाश,किशन दास,रतन दास,लेखराज दास, प्रकाश दास, मयंक दास सहित तमाम लोग मौजूद रहे


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