Rajsamand News : Rajsamand-Lone-Company-Fraud
- news rajsamand

- Aug 3, 2020
- 3 min read
ऑनलाइन ठगों ने निकाला है नया तरीका होजाए सावधान !
- परिचित बनकर बैंक खातों पर सेंध लगाने का प्रयास

राजसमन्द. ऑनलाइन ठगी एवं धोखाधड़ी करने वाले बदमाश नित-नए तरीके अपना रहे हैं। यही वजह है कि गांव-शहर में भोले भाले लोग इसके शिकार हो रहे हैं। कभी बैंक एवं फाइनेंस कम्पनी से ऋण देने के नाम पर तो कभी लॉटरी का झांसा देकर, तो कहीं पुराना परिचित या रिश्तेदार होना बताकर लोगों को ठगा जा रहा है और उनके बैंक खाते से राशि गायब की जा रही है। खास बात यह है कि ठगों के लगातार अपनी कारस्तानी के तौर-तरीके बदलते रहने से अशिक्षित, अल्प-शिक्षित व भोले-भाले लोगों के साथ ही पढ़े-लिखे एवं बुद्धिमान तक भी इनसे बच नहीं पा रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से इस तरह के कुछ फोन राजसमंद जिले के कुछ लोगों के भी आए हैं।
कांकरोली जेके मोड़ निवासी राजमल शर्मा के पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने स्वयं को पहचानने के लिए कहा। चूंकि उत्तरप्रदेश-बिहार में कुछ पुराने मित्र होने और कॉल करने वाले की भाषा शैली अवधी-मैथिली होने पर अनुमान लगाते हुए एक मित्र का नाम बताया तो सामने वाले ने तुरन्त हां करते हुए कहा कि बिल्कुल सही पहचाना है और इस तरह बातचीत शुरू कर दी। फिर उस शख्स ने कहा कि उसका एक परिचित फौजी भाई उसके बैंक खाते में 25 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर करना चाह रहा है, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण संभव नहीं हो रहा है। अत: यदि कोई हर्ज न हो तो फौजी भाई राज के खाते में राशि नेटबैंकिंग से जमा कर दे। बाद में वह उनसे ले लेगा। हां करने पर ठगी की नीयत से उस बदमाश ने बैंकिंग लेन-देन की प्रक्रिया शुरू कर दी और बातों में उलझाते हुए हाथों-हाथ व्हाट्सएप पर पांच रुपए का एक वाउचर भेजा और उसे गूगल-पे पर जाकर यह कहते हुए स्कैन कराने की कोशिश की कि यदि राज के खाते में पांच रुपए खाते में जमा हो जाते हैं तो खाता कन्फर्म हो जाएगा। उसके बाद फिर 25 हजार ट्रांसफर कर देंगे।
ठगों ने वाउचर स्कैनिंग सहित यह प्रक्रिया समझाते हुए पूर्ण कराने का भरसक प्रयास किया। बता दें कि यदि उक्त वाउचर स्कैन कर दिया जाता तो ठग अपनी तकनीक से तुरन्त ही राजमल के खाते से सम्पूर्ण राशि पार कर लेते, लेकिन गनीमत रही कि तब अचानक ठगी की भनक लग जाने पर राजमल ने सामने वाले को वीडियो कॉल करने को कहा और नाम, पता व सरनेम पूछा तो बदमाश ने यह सब टालने एवं राशि पार करने के सारे प्रयास किए, हालांकि सफल नहीं हुए। इस दौरान मामला बिगड़ता देख फौजीभाई बता रहे बदमाश ने भी राजमल से बात कर सम्भालने का प्रयास किया, लेकिन राजमल के बार-बार वीडियो कॉल करने को कहने व नाम आदि जानकारी पूछने पर अंतत: उन्होंने गलत बता दिया और हड़बड़ा गए। फिर पूरा माजरा समझ आया और इस तरह ठगी होने से बच गई। यही नहीं, बात खत्म होते ही उस शख्स ने व्हाट्सएप पर भेजा वाउचर भी तत्काल डिलीट कर दिया, ताकि सबूत न रहे। हालाकि राजमल ने ठगों की पूरी बात मोबाइल में रिकॉर्ड कर ली थी।
ठीक इसी तरह के कॉल डिप्टी निवासी चिन्तन पालीवाल और फतेहलाल को भी आए। हालांकि उनकी सजगता से वे ठगी से बच गए। पर इसमें कोई संदेह नहीं कि ये ठग लोगों को अपनी बातों के मायाजाल में फंसा कर उनके खाते खाली करने के प्रयास में जुटे हैं।
ऐसे ठगों को पकडऩा कठिन...
लगातार ऐसी ठगी की घटनाएं सामने रही हैं, चूंकि ये लोग दूसरे प्रदेशों में बैठकर ऐसी ठगी करते हैं, इसलिए इन तक पहुंचना कठिन होता है। फिर भी हम पकडऩे का प्रयास करते हैं और कई ऐसे ठग पकड़े भी गए हैं। लोगों को चाहिए कि वे सावधानी बरतें। अनजान लोगों की बातों में नहीं फंसना चाहिए। जब तक कन्फर्म न हों, किसी तरह का लेनदेन व व्यक्तिगत जानकारियां न दें। इससे वे सुरक्षित रह सकेंगे।
- राजेश गुप्ता, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, राजसमंद



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