Board News : India-Up-Board-Result-2018
- news rajsamand

- Jun 23, 2020
- 2 min read
Updated: Jun 28, 2020
देश के सबसे बड़े हिंदीभाषी प्रदेश में 11 लाख छात्र हिंदी में ही क्यों हुए फेल

UP Board Results : हैरान करने वाली बात तो ये है कि पिछले साल दसवीं की परीक्षा देने वाले कुल बच्चों में से 25 फीसदी हिंदी में फेल हो गए थे. आखिर क्यों जहाँ हिंदी ज्यादा बोली व पढ़ी जाती हो वहां 25% छात्र फेल क्यों
नई दिल्ली. आमतौर पर जिस क्षेत्र में जो भाषा बोली जाती है, वहां अधिकतर लोगों की उस पर अच्छी पकड़ और अच्छी समझ मानी जाती है. लेकिन अगर आप यूपी बोर्ड सन 2018 (UP Board 2018) के नतीजों पर नजर डालेंगे तो शायद अपने हाथों से अपना सिर ही पकड़ लें. जी हां, साल 2018 में यूपी बोर्ड के दसवीं और बारहवीं के नतीजों को देखकर हर कोई हैरान था. हैरानी की वजह दिलचस्प थी, इतनी दिलचस्प कि देश के सबसे बड़े हिंदीभाषी राज्य उत्तर प्रदेश के बोर्ड एग्जाम में 11 लाख से अधिक स्टूडेंट्स हिंदी (Hindi) विषय में ही फेल हो गए थे.
दसवीं में 25 फीसदी तो 12वीं में 13 फीसदी छात्र हिंदी में फेल
दरअसल, यूपी बोर्ड सन 2018 (UP Board 2018) में दसवीं के एग्जाम में 30,28,767 स्टूडेंट्स ने हिस्सा लिया था. कमाल की बात है कि इनमें से करीब 25 फीसदी यानी 7,80,582 स्टूडेंट्स हिंदी (Hindi) में फेल हो गए. वहीं 12वीं के एग्जाम में 26,04,93 स्टूडेंट्स बैठे, जिनमें से करीब 13 फीसदी यानी 3,38,776 स्टूडेंट्स हिंदी तक में पास नहीं हो सके. साल 2018 में जब यूपी बोर्ड के नतीजे घोषित हुए, तो सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर हिंदी में इतने छात्र कैसे फेल हुए. आखिर बोर्ड परीक्षाएं देने वाले 56 लाख से ज्यादा छात्रों में से 11 लाख से ज्यादा छात्र हिंदी में फेल जो हो गए थे.
क्या कारण थे
पेरेंट्स से लेकर टीचर्स तक हैरान
यूपी बोर्ड 2018 (UP Board 2018) में 11 लाख छात्रों के हिंदी (Hindi) में फेल होने से हर कोई हैरान था. पेरेंट्स तो परेशान थे ही, टीचर्स भी कम अचंभित नहीं थे. टीचर्स ने तो यहां तक कहा कि हिंदी भाषा की उपेक्षा की ही परिणाम है कि इतनी बड़ी संख्या में छात्र इस विषय में फेल हो गए. बदलते वक्त के साथ हिंदी भाषा को लेकर छात्रों में उदासिनता आई है. जिसकी वजह से ही साल 2018 का रिजल्ट खराब रहा था.

यूपी बोर्ड 2020 (UP Board 2020) के नतीजे जून के अंत तक घोषित किए जाएंगे. माना जा रहा है कि इस बार दसवीं और बारहवीं के नतीजे अलग-अलग घोषित किए जा सकते हैं. कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से देश में लागू किए गए लॉकडाउन (Lockdown) से पहले ही यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं आयोजित की जा चुकी थीं. हालांकि लॉकडाउन के चलते मूल्यांकन करने में थोड़ी देरी हुई, लेकिन अब बोर्ड नतीजे घोषित करने की पूरी तैयारी कर रहा है.



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